युवा संतों ने की देवस्थानम बोर्ड रद्द करने की मांग | Jokhim Samachar Network

Sunday, September 26, 2021

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युवा संतों ने की देवस्थानम बोर्ड रद्द करने की मांग

हरिद्वार। देवस्थानम बोर्ड को रद्द करने की मांग को लेकर युवा भारत साधु समाज ने संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी आनंद गिरी महाराज, राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत शिवानंद व राष्ट्रीय महामंत्री रविदेव शास्त्री के संयोजन में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन करके बोर्ड को रद्द किए जाने की मांग की और इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। प्रदर्शन के दौरान संतों ने देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बोर्ड को रद्द नही किये जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। संतों ने कहा कि देवस्थानम बोर्ड किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा। संतों ने चेतावनी देते हुए कहा कि एक माह के अंदर देवस्थानम बोर्ड रद्द नहीं किये जाने पर धरना प्रदर्शन और अनशन करने को बाध्य होंगे। इस दौरान स्वामी आनंद गिरि ने कहा कि देवस्थानम् बोर्ड का गठन कर उत्तराखंड सरकार सनातन धर्म पर कुठाराघात कर रही है। देवस्थानम् बोर्ड के माध्यम से सरकार हिन्दुओं के सबसे बड़े तीर्थ बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री को सरकारी नियंत्रण में लाना चाहती है। तीर्थ स्थलों को तीर्थ स्थल के रूप में ही रहने दिया जाएगा। संतों की मांग है बिना किसी देरी के सरकार देवस्थानम बोर्ड को रद्द करे। यदि सरकार एक महीने के भीतर बोर्ड को रद्द नहीं करती है तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत शिवानंद व महामंत्री रविदेव शास्त्री ने कहा कि किसी भी तीर्थ स्थान को सरकारी नियंत्रण में नहीं जाने दिया जाएगा। इसके लिए किसी भी स्तर पर आंदोलन करने से युवा भारत साधु समाज पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि हिन्दू तीर्थ स्थलों के प्रति सरकार दोहरी मानसिकता का प्रदर्शन कर रही है। युवा भारत समाज देवस्थानम् बोर्ड को कतई स्वीकार नहीं करेगा। सरकार सनातन हिदू धर्म की परंपराओं का सम्मान करते हुए तत्काल देवस्थानम बोर्ड को तुरंत रद्द करे। संरक्षक स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म की व्यवस्थाओं में सरकारी हस्तक्षेप कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। देवस्थानम् बोर्ड को रद्द नहीं किए जाने पर संत किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। डा.महेंद्र राणा ने कहा कि सरकार ने संतों, पुरोहितों को विश्वास में लिए बिना ही इतना बड़ा निर्णय ले लिया। इस निर्णय का सभी को विरोध करना चाहिए। ज्ञापन देने तथा प्रदर्शन करने वालों में महंत सुतीक्ष्ण मुनि, महंत सूरज दास, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी दिनेश दास, महंत निर्मल दास, संत जगजीत सिंह, महंत सुमित दास, स्वामी आनन्द स्वरूप दास, सागर स्वामी,  आरोग्य संस्थान के संस्थापक डा.महेंद्र राणा, कांग्रेस सेवादल के प्रदेश संगठक राजेश रस्तोगी आदि शामिल रहे।

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