गंगा की अविरलता को हरकी पैड़ी से रवाना हुई सद्भावना यात्रा  | Jokhim Samachar Network

Saturday, July 02, 2022

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गंगा की अविरलता को हरकी पैड़ी से रवाना हुई सद्भावना यात्रा 

हरीश रावत ने किया अनशनरत सानंद की मांगों को किया समर्थन
हरिद्वार। अविरल-निर्मल गंगा संकल्प को लेकर रविवार दोपहर को हरकी पैड़ी से गोमुख से गंगासागर तक सद्भावना यात्रा का आगाज हुआ। हरकी पैड़ी पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यात्रा को जगदीश चौधरी, अनिल गौतम, इब्राहिम खान, राजकुमार के नेतृत्व में गोमुख के लिए रवाना किया। इस दौरान जलपुरुष राजेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे। गोमुख पहुंचने के बाद यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए 14 जनवरी को गंगासागर पहुंचेगी। सद्भावना यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों में जन-जन को जागरूक किया जाएगा कि अविरलता गंगा का तीर्थ है। सद्भावना यात्रा का आयोजन मातृ सदन हरिद्वार, ग्रीन इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट फरीदाबाद, तरुण भारत संघ अलवर, जल जन जोड़ो अभियान द्वारा किया जा रहा है।
इस दौरान हरीश रावत ने कहा कि गंगा की अविरलता को लेकर राजनीतिक सहमति बननी शुरू हो गई है। तभी तो कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सानंद को पत्र लिखकर उनकी मांग का समर्थन किया। कहा कि शीत सत्र में सरकार इस मामले में एक्ट लाए और उससे पहले किसी मंत्री को मातृ सदन में सानंद से बात करने को भेजे, जिससे उनका अनशन समाप्त करवाया जा सके।
जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने बताया कि सद्भावना यात्रा के दौरान अविरलता को समझने वाले वैज्ञानिक, इंजीनियर, पर्यावरणविद् मिलकर जन-जन के संपर्क में आकर अविरलता के साथ उन बातों पर भी विचार-विमर्श करेंगे जो अनशनरत सानंद ने अपनी मांग प्रधानमंत्री के समक्ष रखी हैं। रविवार को गंगा एक्ट की मांग को लेकर 22 जून से अनशनरत प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ सानंद के अनशन का 101 वां दिन था। सानंद ने 9 अक्तूबर से जल त्यागने का भी ऐलान कर दिया है।
जल पुरुष ने बताया कि यात्रा के माध्यम से केंद्र सरकार को भी याद दिलाया जाएगा कि सत्ता में आने से पहले गंगा के प्रति कैसे वादे किए थे। उन वादों का क्या हुआ? इस अवसर पर सतपाल ब्रह्मचारी, श्रीकांत वशिष्ठ, पुरुषोत्तम शर्मा, सुनील सेठी, डॉ संतोष चौहान, अरविंद शर्मा, ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, मनीष कर्णवाल, किरन सिंह, अमन गर्ग आदि शामिल थे।
ये हैं मांगें-  गंगा पर 2012 के प्रस्तावित अधिनियम को पारित कराए। या उसकी धारा 1 से 9 के आधार पर अध्यादेश जारी करें। पर्यावरणीय प्रवाह बनाए रखने के लिए गंगा में बनाए जा रहे पन बिजली के सभी प्रोजेक्ट बंद करके उनके डिजाइन में आवश्यक परिवर्तन किया जाए। गंगा में खनन पूरी तरह बंद हो। प्रधानमंत्री जून-19 तक के लिए 19 सदस्यों की गंगा भक्त परिषद का गठन करे। परिषद की सहमति से ही कोई कार्य (जो गंगा पर कोई प्रभाव न डाले) किया जाए।
हरीश रावत ने सानंद का हाल जाना: कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत दोपहर में मातृ सदन में अनशनरत सानंद का हाल जानने पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि सरकार के पास एक पर्यावरणविद से बात करने का समय नहीं है। कहा कि सानंद की मांग अब जन अभियान बन गई है। इस दौरान उनके साथ स्थानीय कांग्रेस नेता भी मौजूद थे।

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