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Saturday, August 15, 2020

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कंपनी मैनेजर की तानाशाही आखिर कब तक होता रहेगा मजदूरों का शोषण मजदूर हुए मजबूर

जहां एक तरफ पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है वही हमारे देश के मजदूर पेट भरने को मजबूर हो गए हैं आखिरकार कब तक मजदूरों का ऐसे ही शोषण होता रहेगा इस संसार में मजदूर की कोई सुनने वाला नहीं रहा आज ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के भगवानपुर में देखने में आया की भगवानपुर क्षेत्र के सिकंदरपुर भैंसवाल मैं अंबुजा सीमेंट लिमिटेड का है जहां पर कंपनी मैनेजर का मजदूरों पर दिन पर दिन अत्याचार बढ़ता जा रहा है जिसके चलते अंबुजा सीमेंट वर्कर यूनियन एटक केंद्र यूनियन ने 20 तारीख में कंपनी मैनेजमेंट को एक नोटिस जारी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने के लिए 3 तारीख तक का समय दिया गया था जिसके चलते आज मजदूर यूनियन ने कंपनी के गेट पर धरना प्रदर्शन किया जिस पर मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर कंपनी मैनेजमेंट के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए पर फिर भी कंपनी मैनेजमेंट वर्करों की सुनने को तैयार नहीं वर्करों के साथ अत्याचार कब तक होता रहेगा मुन्ना राम का कहना है कि लॉकडाउन के चलते हमने अपनी जान जोखिम में डालकर कंपनी के अंदर आकर काम किया पर फिर भी कंपनी मैनेजमेंट ने हमें एवरेज के तहत वेतन दिया जिसके चलते हमने आज धरना प्रदर्शन किया हुआ है अगर हमारी मांगें जल्द पूरी नहीं होगी और हमें पूरा वेतन नहीं दिया जाएगा तो हम आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएंगे जहां एक तरफ हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री जी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री जी ने लॉकडाउन के चलते हुए सभी कंपनी मालिकों को यह आदेश जारी किया था कि लोक डाउन के दौरान कोई भी कंपनी मालिक किसी भी वर्कर का वेतन नहीं काटने और ना ही वर्कर को कंपनी से बाहर निकालेंगे क्या कंपनी मालिकों के सामने सरकार का आदेश कोई मायने नहीं रखता है क्या कंपनी मालिक सरकार के आदेशों की ऐसे ही धज्जियां उड़ाते रहेंगे आखिर कब तक कंपनी मालिकों की मजदूरों पर तानाशाही चलेगी वही चंदन यादव का कहना कंपनी मैनेजर मनोज कर्णावत ने कंपनी के मैनेजमेंट को घर पर ही पूरी सैलरी दी है और हम मजदूरों का शोषण किया जा रहा है कुछ मजदूरों को कंपनी ने घर बैठा रखा है और पेमेंट देने से और कंपनी में वापस लेने से साफ मना कर दिया है जो पिछले 10 12 साल से काम कर रहे हैं तो हम लोग अब कहां जाएंगे मनोज यादव का कहना है कि अगर हमें अंदर नहीं ले सकते हैं तो हमे पूरा वेतन दिया जाए जिससे हमारा परिवार चल सके और बच्चों का पालन पोषण हो सके अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो अगला कदम बिना नोटिस दिए संघर्ष जारी रहेगा और अनिश्चित काल के लिए हड़ताल करेंगे वर्करों के साथ जानबूझकर शोषण किया जा रहा है मुकेश और राजपाल का कहना है कि हमे पहले स्ट्राइक दिया गया और अब लेने से साफ मना कर दिया गया है सीएसओ चीफ सिक्योरिटी पंकज धुलिया हमारा शोषण कर रहा है हम 1 महीने में 5 बार चक्कर काट चुके हैं और हम पिछले 12 साल से कार्य कर रहे हैं हम अब कहां जाएंगे हमारे बच्चे तो भूखे मर जाएंगे देवेंद्र गुर्जर का कहना है कि अगर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो हम कंपनी के गेट के सामने आत्महत्या कर लेंगे जब हमारे संवाददाता ने कंपनी मैनेजर से बात करनी चाही तो कंपनी मैनेजर ने बात करने से साफ इंकार कर दिया वही यूनियन के अध्यक्ष ने बताया कि हमने 30 दिसंबर 2019 को अंबुजा सीमेंट प्रबंधक ठेकेदार और यूनियन के साथ लेबर विभाग में समझौता हुआ था जिसकी अंबुजा प्रबंधक ठेकेदार खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं और श्रम कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं मजदूरों का शोषण कर रहे हैं जिसका अंबुजा सीमेंट वर्कर यूनियन एटक से संबंधित यूनियन है इस मामले को केंद्रीय ट्रेड यूनियन एटक के केंद्रीय पदाधिकारियों के सम्मुख यह मामला उठाया गया जिसमे केंद्रीय ट्रेड यूनियन आपस में समझौता करके अंबुजा के सभी 15 प्लाटों में एक साथ आज प्रदर्शन किया अगर हमारी मांगे जल्द पूरी नहीं की जाती है तो हम आपस में केंद्रीय ट्रेड यूनियन के साथ वार्ता करके आगे संघर्ष की रूपरेखा तैयार करके संघर्ष तेज किया जाएगा जिसके तहत भूख हड़ताल प्रबंधक का पुतला दहन टूल डाउन 1 दिन का हड़ताल लिया अनिश्चितकालीन हड़ताल भी किया जा सकता है जिसका प्रबंधक को पहले से ही सूचना दिया जा चुका है यूनियन जो भी आगे संघर्ष करेगी प्रबंधक या मैनेजमेंट को कोई अलग से नोटिस नहीं दिया जाएगा
उपस्थित लोग मुन्ना यादव चंदन यादव मोहम्मद बिलाल देवेंद्र गुर्जर जुनेद विजय राम शहजाद अली आदि मौजूद रहे

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