चारधाम यात्रा में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई : सीएम धामी | Jokhim Samachar Network

Sunday, June 23, 2024

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चारधाम यात्रा में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई : सीएम धामी

देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने शुक्रवार को नई दिल्ली से वर्चुअल बैठक कर चारधाम यात्रा की समीक्षा करते हुए कहा कि यात्रा में लापरवाही बरतने वाले अफसरों को खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यात्रा की मानिटरिंग के लिए अपर मुख्य सचिव आनंदबर्धन की अध्यक्षता में कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सदन नई दिल्ली से वर्चुअल के जरिए यह बैठक की। कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से चार धाम यात्रा के सुगम संचालन के लिए अपनी जिम्मेदारियों का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर शासन के उच्चाधिकारी और पुलिस के आईजी स्तर के अफसर बेहतर संचालन के लिए निरन्तर फील्ड में रहें।
उन्होंने कहा कि मंदिरों में सभी श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए एक समान समय मिले। इसके साथ ही रजिस्ट्रेशन एवं दर्शन व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने ऋषिकेश, हरिद्वार एवं अन्य ठहराव वाले स्थानों से केदारनाथ, बद्रीनाथ के लिए जा रही गाड़ियों को अलग -अलग समय में छोड़े जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में आगामी मानसून सीजन को लेकर भी सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण की जाए। बरसात के दौरान चारधाम यात्रा में होने वाली परेशानियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। श्रद्धालुओं के लिए तय किए गए ठहराव वाले स्थान पर नियमित सफाई, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की पूर्ण व्यवस्था की जाए। आवश्कता अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, दिलीप जावलकर, गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी अमित सिन्हा, एपी अंशुमान, आईजी केएस नगन्याल, अपर सचिव पर्यटन युगल किशोर पंत, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान मौजूद रहे।
अफसरों की जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यदि श्रद्धालु बिना रजिस्ट्रेशन के धामों में पहुंचते हैं तो इसके लिए अब संबंधित अफसरों की जवाबदेही तय की जाएगी। कहा कि हरिद्वार व अन्य स्थानों से ऐसी व्यवस्था पुख्ता की जाए। बिना रजिस्ट्रेशन के तीर्थयात्रियों से पहुंचने से ही धामों में औसतन से ज्यादा भीड़ हो रही है।

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