प्रान्तीय रक्षक दल के स्थापना दिवस पर रैतिक परेड का हुआ आयोजन | Jokhim Samachar Network

Thursday, February 29, 2024

Select your Top Menu from wp menus

प्रान्तीय रक्षक दल के स्थापना दिवस पर रैतिक परेड का हुआ आयोजन

देहरादून, । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को तपोवन रोड, देहरादून में प्रान्तीय रक्षक दल के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित रैतिक परेड में शामिल होकर रैतिक परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पीआरडी के घोषवाक्य ‘अहमस्मि योधः’ का लोकार्पण किया और पीआरडी स्वयं सेवकों के आश्रितों को सहायता राशि का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने सभी को प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज पीआरडी. स्वयंसेवकों द्वारा रैतिक परेड में किए गए मार्च पास्ट का प्रदर्शन अत्यंत ही मनोहारी था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 05 घोषणाएं की। उन्होंने घोषणा की कि पी.आर.डी. स्वयं सेवकों को प्रत्येक 02 वर्ष पर 01 गर्म वर्दी एवं 01 सामान्य वर्दी विभाग द्वारा दी जायेगी। पी.आर.डी. स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण एवं पुर्नप्रशिक्षण के समय दी जानी वाली वर्दी की दर 1500 रुपए से बढ़ाकर 2500 रुपए की जाएगी। सभी पंजीकृत डयूटी पर तैनात पी.आर.डी. स्वयं सेवकों को होमगार्ड स्वयं सेवकों की भांति 200 रुपए प्रतिमाह ड्यूटी दिवस के अनुमानित में धुलाई भत्ता दिया जायेगा। विकासखण्ड स्तर पर तैनात ब्लाक कमाण्डर एवं न्याय पंचायत स्तर पर तैनात हलका सरदार का मासिक मानदेय क्रमशः 600 रुपए एवं 300 से बढ़ाकर प्रतिमाह 1000 रुपए एवं 500 रुपए किया जायेगा। आपदा बचाव कार्य में तैनात पी.आर.डी. स्वयं सेवकों को 50 रुपए प्रतिदिन की दर से अतिरिक्त मानदेय दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवक अपनी निरंतर सेवा और समर्पण भाव से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहयोग कर रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा कार्य, आपदा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था में पीआरडी द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पी.आर.डी. स्वयं सेवकों के हित में कई कदम उठाए हैं। पी.आर.डी. स्वयंसेवकों के मृतक आश्रितों के पंजीकरण हेतु शासनादेश जारी किया गया है। अभी तक 116 मृतक आश्रितों को पंजीकृत किया गया है, इनमें से 70 मृतकों के आश्रितों को रोजगार प्रदान किया गया है, जिसमें 25 महिलाएँ भी शामिल हैं। प्रान्तीय रक्षक दल कल्याण कोष संशोधित नियमावली अगस्त 2023 में प्रख्यापित की गई है। जिसमें आर्थिक सहायता की धनराशि में वृद्धि करते हुए साम्प्रदायिक दंगो के दौरान ड्यूटी पर मृत्यु की दशा में देय एक लाख रुपए को बढ़ाकर 02 लाख किया गया है। इसके साथ ही अति संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु की दशा में देय 75 हजार रुपए को बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए किया गया है। सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत्यु की दशा में देय 50 हजार को बढ़ाकर एक लाख रुपए किया गया है। प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के लिए भी संबंधित अधिकारी की संस्तुति पर अधिकतम 50 हजार रुपए का प्राविधान किया गया है, जिससे सीधे तौर पर पीआरडी जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के दौरान भी पीआरडी स्वयंसेवकों ने उत्कृष्ट कार्य किया। जिसके सम्मान में सरकार द्वारा 4651 पी.आर.डी. स्वयंसेवकों को पुरस्कार स्वरूप 6 हजार प्रति स्वयंसेवक प्रदान किये गए थे।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *