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Monday, May 25, 2020

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जिले में जहां भी डेस्टिनेशन बनाये जाने हैं उनका प्रस्ताव यथाशीघ्र बना लिया जाय

अल्मोड़ा। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में 13 डिस्ट्रिक 13 डेस्टिनेशन की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में पर्यटन को बढ़ावा दिये जाने के उददेश्य से इस महत्वपूर्ण योजना को संचालित किया जा रहा है। उन्होंने जिला पर्यटन विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि जनपद में जहाॅ पर भी डेस्टिनेशन बनाये जाने है उनका प्रस्ताव यथाशीघ्र बना लिया जाय। उन्होंने जनपद के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को चिन्हित कर एक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में पर्यटन की अपार सम्भावनायें है बस उन्हें विकसित करने की जरूरत है।
जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि पर्यटन विभाग द्वारा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना तथा दीनदयाल होमस्टे योजनाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद के विभिन्न स्थानों पर जागरूकता शिविर लगाए जाय। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक इन योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इन दोनों ही स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत उद्यमियों को आकर्षक सब्सिडी एवं ऋण का प्रावधान किया गया है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में किसी भी प्रकार के पर्यटन से संबंधित उद्यम लगाने पर मैदानी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तथा पर्वतीय क्षेत्रों में 33 प्रतिशत की ऋण सब्सिडी मुहैया कराई जाती है। जबकि पर्यटक वाहन खरीदने की दशा में मैदानों तथा पर्वतीय क्षेत्रों में एक समान 25 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।
इस अवसर पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चैबे ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा होम स्टे योजना के अन्तर्गत यदि स्थानीय लोग अपने घरों को होमस्टे के रूप में पंजीकृत करवाते हैं अथवा अपनी भूमि पर नया होमस्टे बनवाते हैं या पुराने मकान का जीर्णोद्धार कर उसे होमस्टे के रूप में चलाते हैं तो इससे दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानीय पर्यटन अवसंरचनाओं की भरपाई होगी। इस प्रकार (विशेष रुप से) नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण पर्वतीय क्षेत्रों को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि एक क्षेत्र विशेष में 6 या अधिक होमस्टे पंजीकृत होते हैं तो सरकार सड़क, बिजली, पानी, पार्क  आदि अवस्थापना कार्य करवाते हुए इसे क्लस्टर के रूप में विकसित करेगी और इसका राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर  पर प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में पर्यटन विभाग तथा बैंक के प्रतिनिधियों द्वारा लाभार्थियों को योजना से संबंधित औपचारिकताओं तथा उन्हें सरलता पूर्वक पूरा करने संबंधी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि  जो भी व्यक्ति हॉस्पिटैलिटी अर्थात् आतिथ्य सत्कार के क्षेत्र में कार्य करने का इच्छुक हों, वे अपने मकान को होमस्टे के रूप में पंजीकृत करवा सकते हैं तथा इसे पर्यटक आवास के रूप प्रयोग में ला सकते हैं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, जिला उद्यान अधिकारी टी0एन0 पाण्डे, आपदा प्रबन्धन अधिकारी राकेश जोशी, संजय शाह, नितिन पाण्डे, किशन लाल, दिनेश, कमल किशार जोशी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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