दिवंगत अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अंकिता के परिजनों का धरना रविवार को भी जारी रहा। | Jokhim Samachar Network

Friday, April 19, 2024

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दिवंगत अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अंकिता के परिजनों का धरना रविवार को भी जारी रहा।

श्रीनगर गढ़वाल दिवंगत अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अंकिता के परिजनों का धरना रविवार को भी जारी रहा। धरना दे रहे लोगों ने वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कहा कि जब तक मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती है तक तक धरना जारी रहेगा। नगर निगम चौराहे स्थित पीपलचौरी पर चल रहे धरने को डीएसओ, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) पार्टी और एनएसयूआई छात्र संगठन ने समर्थन दिया है। धरने पर बैठे अंकिता की मां सोनी भंडारी और पिता वीरेंद्र भंडारी ने कहा कि जब तक उनकी बेटी के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं होती तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे। इस मौके पर आशीष नेगी, डीएसओ छात्र संगठन की रेशमा पंवार, मोनिका चौहान, शिवांगी सिंह, एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) डा. मुकेश सेमवाल, राज्य आंदोलनकारी देवेंद्र फरस्वाण , राजेंद्र रावत, केडी थपलियाल, विजेता सेमवाल, अरुण नेगी सहित आदि मौजूद थे।

श्रीनगर गढ़वाल विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर नेचुरल रिसोर्स मैनेजमेंट सोसायटी तथा हिमवाल संस्था ने पृथ्वी और मानव सामंजस्य के लिए वन्यजीव संरक्षण में डिजिटल नवाचारों का अन्वेषण विषय पर संगोष्ठी आयोजित की। ऑनलाइन माध्यम से हुई संगोष्ठी में वन्य जीव संरक्षण पर वैज्ञानिकों और पर्यावरणविदों ने विचार प्रस्तुत किये। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के फॉरेंसिक विभाग की सहायक निदेशक डा. अपर्णा शर्मा ने हिमाचल और उत्तराखंड के वन्यजीव विविधता और मानव वन्य जीव संघर्ष से उभरी समस्याओं के निराकरण पर व्यख्यान प्रस्तुत किया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता समग्र उन्नयन फाउंडेशन पंजाब की डॉ. सुनल रोमैनद ने कहा कि आज वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में रोजगार की अपार सम्भावनाएं हैं। कहा कि कई पाठ्यक्रम भी इसके लिए संचालित हो रहे हैं, जिनसे युवाओं को विशेष लाभ मिल सकता है। यूसर्क देहरादून के वैज्ञानिक डा. भवतोष शर्मा ने कहा कि उतराखंड वन्य जीव संरक्षण संवर्द्धन की दृष्टि से भारत का विशेष राज्य है, लेकिन यहां मानव और वन्य जीव संघर्ष पर रोकथाम की आवश्यकता है। संगोष्ठी में टिहरी वन प्रभाग के वन रेंज अधिकारी आशीष नौटियाल ने उतराखंड सरकार और वन विभाग के द्वारा वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में प्रयोग किए जा रहे डिजिटल उपकरणों का परिचय दिया और इसके फायदे बताये। इस मौके पर वक्ता डा. शम्भू नौटियाल, डा. कपिल पंवार और ज्योति जुयाल ने भी उतराखंड के परिपेक्ष्य में वन्यजीव की स्थिति और समस्याओं पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन हिमवाल संस्था की संस्थापक डा. दीपिका डिमरी ने किया। कार्यक्रम के संयोजक विकास नौटियाल ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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