प्रदेश का युवा आत्महत्या को मजबूर और सीएम साहब करीबियों पर मेहरबानः आनंद | Jokhim Samachar Network

Sunday, January 24, 2021

Select your Top Menu from wp menus

प्रदेश का युवा आत्महत्या को मजबूर और सीएम साहब करीबियों पर मेहरबानः आनंद

-भाजपा सरकार ने किया उत्तराखण्ड के बेरोजगारों के साथ धोखा

देहरादून । आम आदमी पार्टी मेयर सुनील उनियाल गामा की बेटी की नौकरी बैक डोर से लगाए जाने कि घोर निंदा करती है। एक ओर प्रदेश में जहां संदीप जैसे नौजवान बेरोजगारी केे कारण आत्महत्या कर रहे है वहीं मुख्यमंत्री के कुछ करीबियों को इस तरह से बैकडोर एंट्री दे कर नौकरियां लगवाई जा रही है। हाल ही मे मेयर सुनील उनियाल गामा की पुत्री श्रेया उनियाल गामा की नौकरी भारतीय चिकित्सा परिषद में आउटसोर्स से लगाई है। परिषद के अध्यक्ष डा. दर्शन कुमार शर्मा का कहना है कि पीआरडी से नाम मांगे गए थे वहां से उनका नाम आया और उनको नौकरी दे दी गई। यहां पर सवाल यह उठता है कि पीआरडी ने किसके दबाव में सिर्फ सुनील उनियाल गामा की बेटी का नाम भेजा, जबकि पीआरडी में भी सैकड़ों की संख्या में बेरोजगार पंजीकृत है।
गौरतलब है कि मेयरी साहब की धर्मपत्नी को भी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरबंस कपूर ने विधानसभा में अडजैस्ट किया था जो कि बहुत मोटी तंख्वाह ले रही है। साथ ही सुनने में यह भी आया है कि पिछले कई माह से डयूटी पर नहीं जा रही है परंतु वेतन ले रही है। यहां पर यह बात भी नहीं भूलनी चाहिए कि मेयर सुनील उनियाल गामा मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खासे करीबी माने जाते है। इसी नजदीकी का पूरा फायदा उठाया जा रहा है। श्री आनंद ने कहा कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी पूरे प्रदेश के लिए होती है न कि किसी एक व्यक्ति विषेश के लिए। जहां मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे इस कोरोना काल में बोेरोजगारों के बारे में सोचें और जोे युवा वापस पलायन कर अपने घरों को लौटे है उनके लिए कोई रोजगारी नीति बनाएं वे अपने कुछ करीबियों को नौकरियां दे कर खुश करने में लगे है। श्री आनंद ने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है कि अपने करीबियों को खुश करने के चक्कर में सीएम साहब यह भूल गए कि उत्तराखण्ड का बेरोजगार जोे सरकार की ओर बड़ी उम्मीद से देखता है उसके साथ इतना बड़ा अन्याय किया गया। क्या यह नौकरी जो गामा की बेटी को दी गई है किसी जरूरतमंद बेरोजगार को नही दी जा सकती थी ? इसी कारण उत्तराखण्ड के बेरोजगार आत्महत्या करने को मजबूर है। हाल ही में संदीप नामक युुवक ने आत्महत्या करने से पूर्व साफ साफ त्रिवेंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि त्रिवेंद्र सरकार के रहते यहां बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिल सकती। इसीलिए मै आत्महत्या कर रहा हंूं। ऐसे में क्या नैतिकता के आधार पर सीएम को इस्तीफा नहीं दे देना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने पर इस प्रकार की बैकडोर एंट्रियों एवं भ्रष्टाचार पर प्रतिबंद्ध लग जाएगा।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *