उत्तराखंड की मदद को आगे आए उद्योगपति अनंत अंबानी, दिए पांच करोड़ रुपए | Jokhim Samachar Network

Thursday, August 05, 2021

Select your Top Menu from wp menus

उत्तराखंड की मदद को आगे आए उद्योगपति अनंत अंबानी, दिए पांच करोड़ रुपए

देहरादून । उत्तराखंड में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार लगातार व्यवस्थाओं को मुकम्मल करने में जुटी हुई है। वहीं, कोरोना के खिलाफ जंग लड़ने के लिए व्यवस्थाओं को और दुरुस्त करने के दृष्टिगत उद्योगपति अनंत अंबानी व रिलायंस फाउंडेशन ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को 5 करोड़ रुपए की राशि का योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कुछ दिन पहले ही देश के बड़े उद्योगपतियों से वर्चुअल बातचीत कर उनको उत्तराखंड की स्थितियों से अवगत कराया था। साथ ही कोरोना से जंग लड़ने के लिए उनसे सहायता भी मांगी थी। इसके बाद से ही कई उद्योगपति कोरोना से जंग लड़ने के लिए तमाम तरह से योगदान दे रहे हैं। इसी क्रम में उद्योगपति अनंत अंबानी ने भी कदम बढ़ाया है और उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को 5 करोड़ की राशि का सहयोग दिया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अनंत अंबानी का आभार व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि इसी तरह दूसरे लोग भी सामने आकर इस आपदा की घड़ी में प्रदेश का साथ देंगे। अनंत अंबानी भारत के सबसे बड़े बिजनेस टाइकून और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे हैं। 10 अप्रैल, 1995 को मुंबई में जन्मे अनंत के दो भाई-बहन हैं आकाश और ईशा. उन्हें मुकेश अंबानी के रिलायंस इंडस्ट्रीज साम्राज्य के वारिस के रूप में देखा जाता है। अनंत ने मुंबई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की और फिर रोड आइलैंड में ब्राउन यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई की। अनंत अब तक इंडियन प्रीमियर लीग सहित खेल स्पर्धाओं में शामिल रहे हैं, जिसमें आरआईएल मुंबई इंडियंस टीम की मालिक है। मार्च 2019 में, उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री टीएस रावत द्वारा अनंत अंबानी को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य के रूप में नामित किया गया था। 30 अन्य लोगों को भी नामित किया गया था, जो ज्यादातर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता थे। उन्होंने 18 महीनों से भी कम समय में 108 किलो वजन कम करने के लिए मीडिया का बहुत ध्यान आकर्षित किया। जूनियर अंबानी को क्रोनिक अस्थमा था। एक बच्चे के रूप में उन्होंने जो दवा ली, उससे उनका अत्यधिक वजन बढ़ने लगा। 2014 में, उन्होंने अपने स्वास्थ्य पर नियंत्रण रखने का फैसला किया। ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने प्राकृतिक और सुरक्षित तरीके से वजन कम करने, सख्त आहार का पालन करने और हर दिन पांच से छह घंटे व्यायाम करने की दिशा में काम किया।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *