होम्योपैथिक तथा आर्युेवेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवाएं | Jokhim Samachar Network

Sunday, September 26, 2021

Select your Top Menu from wp menus

होम्योपैथिक तथा आर्युेवेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवाएं

प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, श्रम,  कौशल विकास एवं सेवायोजन, आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री डाॅ0 हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में उनके विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में होम्योपैथिक तथा आर्युेवेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवाओं के अधिकारियों के साथ  कोविड-19 के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण निर्णय लेने हेतु आयुष विभाग की आपातकालीन बैठक आयोजित की गई।

मा0 मंत्री ने होम्योपैथिक तथा आर्युेवेदिक विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक जनपद में लोगो की कोविड-19 से सम्बन्धित निःशुल्क सहायता देने, आयुष किट प्रदान करने तथा इससे सम्बन्धित लोगो की काउंसलिग करने एवं जरूरी जानकारी प्रदान करने के लिए संयुक्त रूप से एक आयुष हैल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिये। मा0 मंत्री ने कहा कि इसके लिए दोनो विभागों को कुल 05 करोड 85 लाख रूपये की धनराशि सरकार द्वारा तत्काल अवमुक्त की गई है। इस आयुष हैल्प डेस्क के माध्यम से होम आईसोलेशन, विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रो में उपचार हेतु आने वाले आगन्तुकों तथा लोगो द्वारा डिमांड किये जाने पर 24 धण्टे के भीतर आयुष चिकित्सा किट उपलब्ध कराये जाने का प्रयास किया जायेगा। यह हैल्प डेस्क 24 धण्टे कार्य करेगा, जहाॅ पर आयुष चिकित्सक सम्बन्धित स्टाफ के साथ उपस्थित रहेंगे।
प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों में मानक के अनुरूप आर्युेवेदिक एवं होम्योपैथिक आयुष चिकित्सक उपलब्ध हो सके इसके लिए मा0 मंत्री ने तत्काल संविदा के माध्यम से चिकित्सकों की भर्ती कराने से सम्बन्धित प्रस्ताव बनाने के अधिकारियों को निर्देश दिये।
मा0 मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में हर्रावाला में आर्युेवेद विश्वविद्यालय परिसर में स्थित राजकीय आर्युेवेदिक मेडिकल कालेज में 60 बैड को कोविड-19 हेतु आरक्षित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया जिसमें 20 आक्सीजन बैड रखे जायेगें। मा0 मंत्री ने सम्बन्धित कुलसचिव को तत्काल इससे सम्बन्धित प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिये।
बैठक में मा0 मंत्री ने कहा कि आयुष विभाग (होम्योपैथिक तथा आर्युेवेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवाएं) के एैसे चिकित्सक और विभिन्न कार्मिक जो विभिन्न तरीकों से कोविड-19 से सम्बन्धित लोगो के उपचार में लगे है उनके जीवन बीमा से लेकर अन्य प्रकार की सुविधाएं एलोपैथिक चिकित्सको की भाॅति ही प्रदान की जायेगी।
इस दौरान मा0 मंत्री ने कहा कि आयुष विभाग द्वारा प्रत्येक जनपद में हैल्प डेस्क स्थापित करने से लेकर आर्युेवेदिक कोविड अस्पताल तथा विभिन्न क्षेत्रों में आयुष चिकित्सकों की तैनाती होने से एक ओर गाॅव में ही कोविड-19 की प्राथमिक चिकित्सा का विकल्प उपलब्ध हो सकेगा और मुख्य अस्पतालों में मरीजों का भार भी कम हो सकेगा। दूसरी ओर इससे कोविड-19 के उपचार में एलोपैथिक चिकित्सा पर बढता दबाव भी कम हो सकेगा।
बैठक में सचिव आयुष एवं आयुष शिक्षा डी सेन्थिल पाण्डियन, निदेशक होम्योपैथिक सेवाएं डा. ए बी भट्ट, निदेशक आर्युेवेदिक एवं यूनानी सेवाएं डा. एम पी सिंह, कुलसचिव राजकीय आर्येवेद विश्वविद्यालय उत्तम कुमार शर्मा सहित सम्बन्धित चिकित्सक व कार्मिक उपस्थित थे।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *