मिलावट एवं प्रदूषण कैंसर के मुख्य कारण, सेवा सोसाइटी ने आयोजित की वेबीनार | Jokhim Samachar Network

Wednesday, March 03, 2021

Select your Top Menu from wp menus

मिलावट एवं प्रदूषण कैंसर के मुख्य कारण, सेवा सोसाइटी ने आयोजित की वेबीनार

देहरादून । दुनिया में अन्य बीमारियों के अपेक्षा कैंसर दूसरी सबसे ज्यादा घातक बीमारी है। 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है इस दिन सभी व्यक्तियों को कैसर से बचने के लिए तथा उसके इलाज के लिए जागरूक किया जाता है। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर संजय आॅर्थोपीडिक, स्पाइन एवं मैटरनिटी सेंटर एवं सेवा सोसाइटी जाखन, देहरादून द्वारा एक बेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। डाॅ सुजाता संजय जो एक प्रतिष्ठित स्त्री एवं प्रसूति रोग विषेषज्ञ है जिनको 2016 में भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जा चुका है उन्होंने बताया कि गर्भाषय के कैंसर से बचने के लिए गुप्त अंगों की नियमित सफाई एवं वैक्सीनेषन कैंसर से बचाव के अच्छे उपाय है।
डाॅ गौरव संजय जो कि एक अच्छे प्रषिक्षित आॅर्थोपीडिक सर्जन हैं जिन्होंने दुनिया के कई देशों जैसे कि अमेरिका, यूके, हाॅगकाॅंग, जापान और कनाडा से प्रषिक्षण ले रखा है उन्होंने हड्डियों के कैंसर के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आज कैंसर से ग्रस्त टांगें जो पहले काटी जाती थी आज उनको आज के समय में आधुनिक इलाज से बचाई जा रही है। गिनीज, लिम्का एवं इंडिया बुक रिकार्ड होल्डर डाॅ. बी. के. एस. संजय ने बताया कि हवा, पानी, भोजन किसी भी व्यक्ति के लिए जीने के लिए आवश्यक हैं। खाने-पीने की चीजों में मिलावट और हवा में प्रदूषण कैंसर के मुख्य कारण बन गए हैं। कुछ लाइफस्टाइल से जुडी आदतों की बात करें तो ये सब आदतें आज कैंसर को बढाने में आग में घी का काम कर रही है जिनमें तंबाकू तथा गुटखा खाने की आदत मुंह का कैंसर, बीडी-सिगरेट पीने से फेफडों का कैंसर और शराब पीने से लीवर केकैंसर की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। डाॅ. संजय ने साधारण शब्दों में बताया कि जब शरीर के किसी अंग की कोशिकाएं अनियंत्रित ढंग से बढ़ती जाती है तो उसे कैंसर कहते हैं। यदि किसी व्यक्ति में कैंसर के अन्य लक्षण जैसे कि शरीर के किसी अंग में गांठ, सूजन, रिसाव एवं असहनीय दर्द हो तो उसको अपने नजदीक के किसी प्रशिक्षित डाॅक्टर से तुरंत मिलना चाहिए। उनका मानना है कि इस व्याख्यान को सुनकर यदि मात्र कुछ लोग ही अपने जीवन में बदलाव लाते हैं तो इस व्याख्यान का उद्देश्य पूरा हो जाता है।

About The Author

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *