तुम मुझे बचाओ,में तुम्हे बचाऊंगा – जौलीग्रांट जंगल | Jokhim Samachar Network

Tuesday, October 20, 2020

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तुम मुझे बचाओ,में तुम्हे बचाऊंगा – जौलीग्रांट जंगल

 

आज दृष्टिकोण समिति व डोईवाला क्षेत्र की जनता द्वारा थानों वन रेंज के 10,000 पेड़ो के संरक्षण हेतु ऋषिकेश रोड,जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के समीप धरना दिया गया व पेड़ो को रक्षा सूत्र बांधा गया । दृष्टिकोण समिति के अध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि आज नवरात्रि का पहला दिन,मां शैलपुत्री का दिन है जो मां प्रकृति का प्रतीक है । मगर आज हमारी प्रकृति खतरे में है । जॉली ग्रांट एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए दस हज़ार पेडों को काटने की तैयारी की जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है ।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, इंदिरा पर्यावरण भवन में आगंतुकों का अभिनंदन करते हुए लिखा है – “प्रकृति रक्षति रक्षिता:” जिसका मतलब है प्रकृति से सुरक्षा पाते रहने के लिए उसका संरक्षण करना जरूरी है ।
‘प्रकृति रक्षा करती है, अगर वह संरक्षित है’ ।
मगर आज ‘‘पर्यावरण से ज्यादा महत्व पैसे को’’, ‘‘पारदर्शिता से ज्यादा महत्व मुनाफाखोरी को’’ और ‘‘संरक्षण से ज्यादा महत्व लाभ कमाने’’ को दिया है ।

एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए पूर्व में भी वन के बड़े हिस्से को खत्म किया गया है और अब वन विभाग द्वारा शिवालिक एलीफैंट रिज़र्व के 215 एकड़ वन भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव तैयार किया है । प्रस्ताव के मुताबिक इसमें कुल 9745 पेड़ कटेंगे जिसमे खैर,शीशम,सागौन, गुलमोहर व कई अन्य प्रजाति के पेड़ काटने का प्रस्ताव भेजा गया है । पेड़ो के कटान से वन में मौजूद हाथी,गुलदार,चीतल,सांभर व अन्य वन्य जीवों के भविष्य के लिए बड़ा खतरा पैदा होगा ।
यही नही एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए दी जाने वाली जमीन राजाजी नेशनल पार्क के इको सेंसेटिव जोन के 10 किमी के दायरे में पड़ती है और इसके 3 किमी के दायरे में एलीफैंट कॉरिडोर है । इतनी भारी संख्या में पेड़ो के कटने से डोईवाला व देहरादून क्षेत्र के मौसम में भारी बदलाव होगा जिससे बड़ी मुश्किल पैदा हो सकती है ।
उनियाल ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है । अगर सरकार अथवा बड़े उद्योगपतियों द्वारा कहीं भी किसी बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी की जाती है तो क्षेत्रीय जनता व जन प्रतिनिधियों की राय ली जाती है व उन्हें आपत्ति का समय दिया जाता है, मगर एयरपोर्ट के लिए 215 एकड वन व आवासीय भूमि हस्तांतरण करने से पहले क्षेत्र की जनता से राय नही ली गई जो आम नागरिक के संवैधानिक अधिकारों का हनन है । सरकार को कोई भी बड़ा कदम लेने से पहले एक बार फिर सोचना चाहिये ।
केंद्र सरकार द्वारा पर्यावरण को कमजोर करने के लिए पहले ही पर्यावरण प्रभाव आंकलन अधिसूचना लाई गई है जिसके खिलाफ पूरे देश मे विरोध किया जा रहा है । थानों वन क्षेत्र में पेड़ों के कटान का पुरजोर विरोध दर्ज किया जाएगा । कल भी दृष्टिकोण समिति व देहरादून से कई अन्य एनजीओ व छात्रों द्वारा जॉलीग्रांट एयरपोर्ट के समीप चिपको आंदोलन का आगाज करके ह्यूमन चैन बनाई जाएगी । विरोध प्रदर्शन में दृष्टिकोण समिति के अध्यक्ष मोहित उनियाल, मनीष यादव,अमित सैनी,रवि बिष्ट,राहुल सैनी,सावन राठौर आशिक़ अली,शुभम काम्बोज,आसिफ हसन,अनीश अहमद,आरिफ अली,लुक़मान अहमद,सतनाम सिंह,सूरज भट्ट,आशीष चमोली,प्रतीक बहुगुणा आदि उपस्थित थे ।

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