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Thursday, July 18, 2024

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राजकीय पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि में अध्यक्ष पद पर दो नाम एक समान

 

 

रुद्रप्रयाग,। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में छात्रसंघ चुनावों को लेकर क्रम में नाम वापसी के साथ वैध सूची का प्रकाशन होना था, लेकिन अध्यक्ष पद पर दो नाम एक समान होने से असमंजस की स्थिति खड़ी हो गई। बाद में महाविद्यालय ने जो सूची जारी की, उसमें क्रम को लेकर विवाद हो गया। छात्रों के एक गुट ने प्रत्याशियों की वैध सूची में प्रत्याशियों के क्रम पर आपत्ति जता दी। छात्र महाविद्यालय प्रशासन पर एक छात्र संगठन के दबाव में फैसला लेने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी के साथ ही धरने पर बैठ गए। स्थिति तब गंभीर हो गई, जब एक छात्र पेट्रोल की बोतल और माचिस लेकर धरने पर बैठ गया। इतना ही नहीं वो आत्मदाह की धमकी तक देने लगा। देर रात एसडीएम ने छात्रों को कोर्ट की शरण में जाने को कहा, जिसके बाद ही छात्र वहां से हटे।

दरअसल, छात्र संघ अध्यक्ष पर 3 समेत 6 पदों पर 13 छात्रों के नामांकन हुए हैं। छात्रसंघ अध्यक्ष के पद पर नितिन नेगी पुत्र जीतपाल सिंह नेगी (बीए तृतीय वर्ष), प्रमोद भलवान पुत्र गोविंद सिंह (एमए प्रथम सेमेस्टर अर्थशास्त्र) और नितिन नेगी पुत्र राजेंद्र सिंह नेगी (बीएससी तृतीय वर्ष) ने नामांकन कराया है, लेकिन दावेदारी में नितिन नेगी समान नाम होने पर वैध सूची के क्रम पर असमंजस की स्थिति खड़ी हो गई। कॉलेज प्रशासन ने वर्णमाला के अनुसार क्रम न बनाकर एक समान नाम वाले दोनों प्रत्याशियों को बुलाकर उनसे इस समस्या पर चर्चा की। जिसके बाद उन्होंने नामांकन कराने के आरोही क्रम में प्रत्याशियों का क्रम निश्चित कर दिया। जिस पर एनएसयूआई के प्रत्याशी ने पहले तो अपनी सहमति जता दी, लेकिन बाद में बाद में निर्दलीय प्रत्याशी नितिन नेगी और एनएसयूआई प्रत्याशी प्रमोद भलवान इसके विरोध में आ गए। वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में छात्र नेता चंद्र प्रकाश पेट्रोल की बोतल और माचिस हाथ में लेकर चुनाव कार्यालय के सामने बैठ गया। साथ ही छात्र चुनाव संचालन समिति से क्रम निर्धारण का कारण जानने की जिद पर अड़ गए।

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वैध सूची (मतपत्र) पर प्रत्याशी के नाम का अंकन किस नियम से हो, इस संबंध में लिंगदोह समिति 2006 और महाविद्यालय के छात्रसंघ संविधान में कोई नियम या दिशा निर्देश अंकित नहीं है। जिस पर ग्रेवांश समिति, छात्र संघ निर्वाचन समिति, शास्ता मंडल की ओर से सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि वैध सूची (मत पत्र) प्रकाशन में प्रत्याशियों के नाम उनके नामांकन के आरोही क्रम के अनुसार अंकित किए जाएंगे।

जिला प्रशासन की उपस्थिति में मामले में लिए गए निर्णय के संबंध में प्रत्याशियों को अवगत कराया और ये भी अवगत कराया गया है कि मतपत्र पर केवल प्रत्येक पद के लिए प्रत्याशी की क्रम संख्या और नाम वैध सूची के अनुसार अंकित किया जाएगा, लेकिन बवाल कर रहे छात्रों ने इस निर्णय को मानने से इंकार कर दिया और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। वहीं, मौके पर पहुंचे तहसीलदार राम किशोर ध्यानी और थानाध्यक्ष राजीव चौहान ने छात्रों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन छात्र मानने को तैयार नहीं हुए। दोनों ने ही इसके बाद अपने उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया। रात करीब 10 बजे रुद्रप्रयाग एसडीएम आशीष ध्यानी ने कॉलेज में आकर छात्रों को समझाया। छात्रों को देर तक समझाने और निर्णय से असहमति पर कोर्ट की शरण में जाने के लिए मनाते रहे। रात साढ़े 10 बजे जाकर कहीं छात्र कोर्ट में जाने की बात कहकर वहां से हटे।

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