उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की | Jokhim Samachar Network

Monday, February 24, 2020

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उच्च शिक्षा राज्यमंत्री ने महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की

देहरादून। प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 धन सिंह रावत ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में प्रदेश भर के महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक में डाॅ. रावत ने विभागीय अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को सभी महाविद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए यथासमय पर पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने धीमी गति से चल रहे कई निर्माण कार्यों पर नाराजगी जताई। उच्च शिक्षा मंत्री ने बैठक में पूर्व से राज्य सेक्टर के अंतर्गत पूर्व में स्वीकृत महाविद्यालयों जिनमें राजकीय महाविद्यालय मंगलौर, माजरा महादेव पौड़ी, थलीसैंण पौड़ी, ऊफरैंखाल पौड़ी, लम्बगांव टिहरी गढ़वाल, कमांद टिहरी गढ़वाल, गुप्तकाशी रूद्रप्रयाग, अमोड़ी चम्पावत, मुआनी पिथौरागढ़, दुग नाकुरी बागेश्वर, पतलोट नैनीताल के कार्यों की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा राज्य सेक्टर के अंतर्गत प्रस्तावित नवीन महाविद्यालयों के आंगणन की समीक्षा की।
जिसमें राजकीय महाविद्यालय नाग नाथ पोखरी चमोली, राजकीय महाविद्यालय पाबौं पौड़ी, कफकोट बागेश्वर, कोटाबाग नैनीताल, रामनगर नैनीताल के जीर्णोंद्धार, गणाई गंगोली पिथौरागढ़, बेतालघाट नैनीताल, गरूड़ बागेश्वर, नन्दासैंण चमोली, चैबट्टाखाल पौड़ी एवं जयहरीखाल पौड़ी व रानीखेत अल्मोड़ा के महिला छात्रावासों के अधूरे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उच्च शिक्षा मंत्री ने भौतिक एवं वित्तीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने सराकरी धन के दुरपयोग पर भी अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि महाविद्यालयों के भवनों का आंगणन स्थलीय निरीक्षण के उपरांत ही तैयार किया जाय ताकि बार-बार स्टीमेट रिवाइज की नौबत न आये। इसके साथ ही बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नये महाविद्यालयों में न्यूनतम चार कक्षा कक्ष, छात्राओं के लिए एक काॅमन हाॅल, प्राचार्य कक्ष, स्टाफ रूम, प्रयोगशालध्पुस्कालय कक्ष के साथ ही शौचालयों की डीपीआर की जायेगी। डीपीआर स्वीकृत होने के उपरांत शासन द्वारा कार्यदायी संस्थाओं को स्वीकृत धनराशि का दो किस्तों में पूर्ण भुगतान कर दिया जायेगा। ताकि सभी निर्माण कार्य यथासमय पर पूर्ण किये जा सके, जिस पर विभागीय एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों ने अपनी सहमति व्यक्त की।
उच्च शिक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र खैरासैंण सतपुली पौड़ी गढ़वाल में स्वीकृत महाविद्यालय सहित अन्य प्रस्तावित  महाविद्यालयों कोटाबाग, बेतालघाट, नंदासैंण, गणाई गंगोली के महाविद्यालयों के निमार्ण हेतु धनराशि इसी वित्तीय वर्ष में आवंटित करने के निर्देश दिये।
बैठक में दून विश्वविद्यालय में निर्माणाधीन बालिका छात्रावास के धीमे निर्माण को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री ने नाराजगी जताते हुए जून माह तक निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश विश्वविद्यालय प्रशासन व कार्यदायी संस्था यूपी निर्माण निगम को दिये। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा आनन्द बर्द्धन, प्रभारी सचिव उच्च शिक्षा सुशील कुमार, निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ. एन.पी. माहेश्वरी, कुलपति दून विश्वविद्यालय प्रो.ए.के. कर्नाटक एवं संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डाॅ0 कुमकुम रौंतेला, संयुक्त निदेशक रूसा रचना नौटियाल, सलाहकार उच्च शिक्षा डाॅ एम.एस.एम रावत, डाॅ के.डी. पुरोहित, कार्यदायी संस्था मंडी समिति, ग्रामीण विकास विभाग, ब्रिडकुल, यूपी निर्माण निगम के अधिकारी एवं प्रतिनिधियों सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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