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Thursday, September 23, 2021

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बस एक कॉल और जीवा आयुर्वेद के डॉक्टर करेंगे आपकी समस्याओं का समाधान

देहरादून । जीवा आयुर्वेद ने एक नया हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है ताकि इस मौजूदा चिकित्सा संकट के दौरान, लोग आसानी से आयुर्वेदिक डॉक्टरों से बात कर सकें। अब आप बस  कॉल के जरिए आयुर्वेदिक डॉक्टरों से इम्यूनिटी बढ़ाने के तरीकों के बारे में जान सकते हैं। हमारा इम्यूनिटी हेल्पलाइन नंबर है 7042 404040। इम्यूनिटी हेल्पलाइन नंबर सुबह 8 बजे से लेकर रात 10 बजे तक चालू रहता है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से आयुर्वेद के विशेषज्ञ इम्यूनिटी से संबंधित आपकी शंकाओं को दूर करेंगे। साथ ही आपको बताएंगे कि आयुर्वेद कैसे लोगों की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद कर सकता है। डॉक्टर आहार और जीवन शैली में बदलाव के साथ-साथ उचित ट्रीटमेंट प्लान के बारे में बताएंगे और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले प्रोडक्ट लेने की सलाह देंगे।
कोरोनावायरस महामारी से जुड़ी सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इसकी सही जानकारी न होने से पीड़ितों और लोगों के मन में कई तरह की चिंताएं और सवाल उत्पन्न होते हैं और सही जानकारी उन तक नहीं पहुंच पाती। यह हेल्पलाइन इन चिंताओं को दूर करने में मदद करेगी और विशेष रूप से इम्यूनिटी बढ़ाने के संबंध में विशेषज्ञों की सलाह प्रदान करेगी। महामारी ने हमें इम्यूनिटी के महत्व को समझाया है और यह बताया है कि कैसे मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यूनिटी सिस्टम) वाले लोग कोरोनोवायरस संक्रमण का बेहतर तरीके से सामना कर सकते हैं। जीवा आयुर्वेद के निदेशक डॉ. प्रताप चैहान ने कहा, “जीवा आयुर्वेद ने इम्यूनिटी को बढ़ाने वाले तरीकों और साधनों पर सलाह लेने के बारे कई अनुरोध प्राप्त करने के बाद इस इम्यूनिटी हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत की है। देखा गया है कि आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले काढ़ा और क्वाथ से कई लोगों को परेशानी हुई है, इसलिए यह हेल्पलाइन सेवा यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक व्यक्ति को उसके स्वयं के शरीर की प्रकृति, स्थिति, आयु और माहौल के हिसाब से इम्यूनिटी बढ़ाने की सलाह मिले। कोविड से ठीक होने वाले लोगों के लिए इम्यूनिटी को फिर से दुरुस्त करना, कमजोरी दूर करना और श्वसन प्रणाली को मजबूत करना एक बड़ी चुनौती बन गई है। कुछ मामलों में, संक्रमण से ठीक होने के बाद भी हफ्तों और महीनों तक लोगों को इससे होने वाले दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ता हैय डॉक्टरों की विशेष सलाह से लोगों को पुनः स्वस्थ होने और श्वसन प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। ”

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