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Monday, September 26, 2022

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आजादी के अमृत महोत्सव पर हरिद्वार नागरिक मंच ने किया कवि सम्मेलन का आयोजन 

हरिद्वार। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत हरिद्वार नागरिक मंच ने कवि सम्मेलन का आयोजन किया। एक शाम राष्ट्र के नाम से प्रैस क्लब सभागार में आयोजित कवि सम्मेलन अन्तर्गत कवि एवं गीतकार अरुण कुमार पाठक के काव्य संग्रह आजादी के परवाने का लोकार्पण भी किया। कवि सम्मेलन में लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड व गिनीज वर्ल्ड बुक में स्थान प्राप्त पद्मश्री सम्मान प्राप्त देहरादून के आर्थोपेडिक सर्जन एवं कवि डा बी.के.एस. संजय, रुड़की के कवि, साहित्यकार एवं पूर्व प्राचार्य डा.योगेन्द्र नाथ शर्मा अरुण, पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डा.महावीर अग्रवाल, रुड़की के हास्य कवि तथा वरिष्ठ पत्रकार डा.श्रीगोपाल नारसन, रानीपुर विधायक आदेश चौहान तथा अध्यात्म चेतना संघ के संस्थापक आचार्य करुणेश मिश्र मुख्य अतिथी के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए अनेकानेक दृष्टान्तों के माध्यम से श्रोताओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की। विधायक आदेश चौहान ने हर घर तिरंगा अभियान में भाग लेने लेने तथा राष्ट्र ध्वज फहराने के नियमों तथा तिरंगे गरिमा का ध्यान रखने की अपील की।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ दीप प्रज्वलन तथा कवियत्री राजकुमारी की वाणी वंदना से हुआ। पूर्व केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, कवि, साहित्यकार व हरिद्वार के लोकसभा सांसद डा.रमेश पोखरियाल ने अपने लाइव दूरभाष संदेश के माध्यम से कार्यक्रम के आयोजन के लिये हरिद्वार नागरिक मंच तथा काव्य संग्रह आजादी के परवाने के रचयिता अरुण कुमार पाठक को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन डा.नरेश मोहन ने किया।
कवि सम्मेलन में पारिजात साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष एवं गीतकार सुभाष मलिक ने अपने खून से सींच-सींच कर हमने किया आबाद चमन के साथ देशप्रेम का जज्बा जगाया, तो अरुण कुमार पाठक ने स्वतंत्र भारत की वर्तमान स्थिति पर हिंसा का नंगा ताँडव भारत में जब-जब होता है, चौराहे पर खड़ा-खड़ा तब मेरा गांधी रोता है के साथ तंज कसे। कवियत्री शिवप्रिया कंचन प्रभा गौतम ने -मेरे भारत की खुशबू बस्ती है घायल होता दिल मेरा मेरी आंख बरसती है। डा.मीरा भारद्वाज ने चंदन माटी मेरे देश की, दिल ने यही पुकारा है, अभिलाषा फिर जन्म यही लूं, भारत मुझको प्यारा है, राजकुमारी ने श्रद्धा प्रेम धर्म है जिसका, शांति है संदेश, वह है भारत मेरा देश, डा. मनु शिवपुरी ने ना मैं चाहूं मुकुट ना मीना न कोई श्रृंगार, भारत मेरी प्रेम तपस्या मैं चाहूं हर बार, प्रेम शंकर शर्मा प्रेमी ने आजादी है लहर लहर में, कण कण नया निखार है, सबको अपने ढंग से जीने का मौलिक अधिकार है, डा.सुशील कुमार त्यागी अमित ने सुभाष शतक,  मदन सिंह यादव ने प्राणों से प्यारा प्रांगण है, भारत देश महान का, कभी ना परचम झुकने देंगे प्यारे हिन्दुस्तान का,  नीता नैयर निष्ठा ने इस धारा के लिए इस गगन के लिए, जान हाजिर है, अब तो वतन के लिए, डा. कल्पना कुशवाहा ने चल रही है मस्त पवन, इस हिजाब में देखो, सरीखी जोशीली रचनाओं से श्रोताओं की खूब तालियाँ बटोरी और माहौल में देशप्रेम के रंग भरे।
इसके अलावा अरविन्द दुबे, डा.अरविंद नारायण मिश्र, डा.तुषार कांत पाण्डे, शशि रंजन चौधरी समदर्शी, देवेन्द्र मिश्र, अभिनन्दन अभि रसमय आदि ने भी देश के वीर सपूतों को अपनी-अपनी काव्यांजली अर्पित की। आयोजन में हरिद्वार नागरिक मंच के अध्यक्ष जगदीश लाल पाहवा के अलावा महामंत्री विश्वास सक्सेना, श्रीराम गुप्ता, विनोद मित्तल, प्रमोद शर्मा, ए.एस.राणा, कार्यक्रम संयोजक अरुण कुमार पाठक तथा पारिजात अध्यक्ष सुभाष मलिक की विशेष भूमिका रही।

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